Friday, 28 June 2019

Bond Angle। Bond parameter। Bond Angle in hindi। Bond Angle IIT NEET। Bond Angle question Answer। Tricks for Bond Angle। #Bondangle

Bond Angle: किसी अणु के केंद्रीय परमाणु के दो बंध के बीच बने angle को बंध कोण Bond Angle कहते है। Finding Bond Angle: Step 1: Hybridisation of Central Atom: अगर किसी अणु में केंद्रीय परमाणु की संकरण SP3 होता है तो उसकी बंध कोण 109°28" होती है। अगर संकरण SP2 होती है तब बंध कोण 120° तथा SP संकरण में बंध कोण 180° होती है। Step2: Lone pair on Central Atom; जब अणु में केंद्रीय परमाणु की संकरण समान हो तब उसमें उपस्थिति lone pair से बंध कोण का पता करते है।  केंद्रीय परमाणु में जितना ज्यादा lone pair होता है बंध कोण उतना ज्यादा कम होता...

Wednesday, 26 June 2019

Electronegativity। Electronegativity IIT NEET। Electronegativity in hindi। Factors affecting Electronegativity। Application of electronegativity

Electronegativity: किसी covalent बंध के इलेक्ट्रॉन को अपने तरफ आकर्षित करना electronegativity कहलाता है। जो परमाणु ज्यादा विद्युत ऋणात्मक होते है वे covalent बंध के इलेक्ट्रॉन को अपने तरफ आकर्षित करते है जिससे बंध में आंशिक आवेश उत्पन्न हो जाता है।जो परमाणु अपने तरफ इलेक्ट्रॉन को आकर्षित करते है उस पर आंशिक negative charge उत्पन्न हो जाता है। जैसे H-Cl एक covalent बंध है जिसमें chlorine jyada electronegativity परमाणु है।अतः chlorine बंध के इलेक्ट्रॉन को अपनी तरफ आकर्षित करते है जिससे इसमें आंशिक आवेश उत्पन्न हो जाता है। Factors affecting Electronegativity; 1.Atomic...

Monday, 24 June 2019

Atomic Radius। Atomic Radius in hindi। Atomic Radius IIT NEET। Ionic radius.

Atomic Radius; किसी परमाणु के नाभिक से बाह्य कोश के इलेक्ट्रॉन की दूरी को परमाणु की त्रिज्या कहते है। वास्तव में यह परिभाषा सही नहीं है,क्योंकि इलेक्ट्रॉन एक तरंग है जो कि 3D mein रहते है।इलेक्ट्रॉन एक तरंग है इसलिए उसकी गति निश्चित नहीं होती अतः परमाणु को त्रिज्या को परिभाषित करने के लिए निम्नलिखित त्रिज्या है; 1. Covalent Radius; जब दो परमाणु अपने इलेक्ट्रॉन को शेयर करके covalent बंध बनाते है तब दोनों परमाणु के नाभिक के बीच की दूरी का आधा सहसंयोजक त्रिज्या कहलाता है। Covalent Radius = दो परमाणु के नाभिक की बीच की दूरी/2 2.Wanderwall...

Saturday, 22 June 2019

Covalent character of ionic bond part2। Application of Fazan's rule। Covalent character of ionic bond in hindi

Application of Covalent character in ioniI bond: 1.Solubility; किसी Ionic बंध में covalent character बढ़ने से उसकी विलेयता कम हो जाती है क्योंकि covalent बंध पानी में ज्यादा soluble नहीं होते। जैसे कि  Fe(OH)2 और Fe(OH)3 mein Fe पर +3 एवम् +2 आवेश है।आवेश अधिक होने पर covalent character अधिक होती है जिससे solubility कम होती है। अतः Fe(OH)2 ज्यादा soluble है। AuCl तथा NaCl में, NaCl ज्यादा soluble है क्योंकि दोनों में ऋणायन का आकार तथा आवेश समान है लेकिन Au के बाह्य कोश में 18 इलेक्ट्रॉन होने के कारण इसकी covalent character अधिक होती...

Covalent nature of Ionic Bond. Fazan's rule in hindi. Fazan's rule part 1. Covalent nature of Ionic Bond part 1.

Covalent nature of Ionic Bond: कोई भी बंध शुद्ध Ionic बंध या covalent नहीं होती। Ionic बंध में covalent प्रकृति या covalent बंध में Ionic बंध की प्रकृति आ जाती है।जब धनायन और ऋणायन पास में होते है तब ऋणायन का इलेक्ट्रॉन मेघ धनायन के नाभिक ओर आकर्षित हो जाते है जिससे ऋणायन का आकार बदल जाता है,ऋणायन का विकृतिकरण हो जाता है।यह प्रभाव ऋणायन के कारण धनायन पर भी हो सकता है लेकिन धनायन का आकार ऋणायन से छोटा होता है इसलिए धनायन पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। ऋणायन के इलेक्ट्रॉन मेघ जब धनायन की ओर आकर्षित होते है तब ऋणायन का विरूपण हो जाता है,जिसे polarisation...

Thursday, 20 June 2019

Ionic bond। Ionic bond in hindi। Properties of ionic bond। Electrovalency। Ionic bond question Answer। Ionic bond iit neet

Ionic Bond (आयनिक बंध) यह बंध दो परमाणु के बीच इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से बनता है। इसमें एक परमाणु इलेक्ट्रॉन त्यागता है तथा दूसरा ग्रहण करता है।जो इलेक्ट्रॉन त्यागता है उसे धातु कहते है तथा जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है उसे अधातु कहते  है। अर्थात Ionic Bond metals और non metals के बीच बनता है। अायनिक बंध क्यों बनता है? जिस परमाणु के बाह्य कोश में आठ इलेक्ट्रॉन होता है,अर्थात जिसका अष्टक पूर्ण होता है वे बहुत स्टेबल होते है,क्रिया नहीं करते। अट्ठारहवें समूह के सभी तत्वों के अष्टक पूर्ण होते हैं जिससे वे बहुत स्टेबल होते है,अभिक्रिया नहीं...

Wednesday, 19 June 2019

Pauli's Exclusion Principle। Quantum numbers question iit neet in hindi

Quantum numbers questions; Question; यदि n=1, l=0, m=0, s= +1/2 हो तो इलेक्ट्रॉन की संख्या ज्ञात कीजिए  प्रथम कोश में केवल एक उपकोष होता है s subshell जिसमें केवल एक कक्षक होता है।जिसमें दो इलेक्ट्रॉन हो सकते है जिसका चक्रण या तो +1/2 होता है या -1/2 होता है।प्रश्न में चक्रण क्वांटम संख्या का मान +1/२ दिया है अतः केवल एक इलेक्ट्रॉन होगा। Question; n=0, l=0,m=1 क्या यह सेट संभव है। Ans; संभव नहीं है क्योंकि n मुख्य क्वांटम संख्या को बताता है जो कि परमाणु के आकार तथा कोश के बारे में बताता है।कोई भी परमाणु बिना कोश के संभव नहीं होता अतः...

Monday, 17 June 2019

Quantum numbers। Quantum numbers in hindi। Quantum numbers IIT NEET। Quantum numbers question Answer।

Quantum number (क्वांटम संख्या) सर्वप्रथम Neil Bohr ने बताया कि इलेक्ट्रॉन एक particle है जो नाभिक के चारो ओर चक्रण करता है।फिर बाद में Huysenberg, De Broglie जैसे वैज्ञानिकों ने बताया कि इलेक्ट्रॉन एक तरंग है जो कि 3 D में रहता है। इरविन श्रोडिंगर ने इलेक्ट्रॉन को तरंग बताया और इसकी पाए जाने की संभावना के लिए समीकरण दिए। फिर इन समीकरणों से तीन क्वांटम संख्या, मुख्य क्वांटम संख्या(Principal Quantum number), azimuthal Quantum number तथा Magnetic quantum number जो इलेक्ट्रॉन के पाए जाने वाले स्थान अर्थात कक्षक की आकृति,आकार तथा अभिविन्यास के बारे...

Friday, 14 June 2019

Ionisation energy। ionisation energy in hindi। Ionisation energy question answer। ionisation energy IIT NEET

Ionisation energy question answers IIT NEET Question: magnesium ki प्रथम ionisation energy aluminium के प्रथम ionisation energy से अधिक होती है,क्यों? ANS: आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर नाभिकीय आवेश बढ़ता है जिससे ionisation energy बढ़ती है,जिससे aluminium के प्रथम ionisation energy,magnesium के तुलना में ज्यादा होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता।magnesium के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1S2,2S2,2P6,3S2 होता है तथा aluminium का विन्यास 1S2,2S2,2P6,3S2,3P1 होता है।magnesium के s कक्षक पूर्ण भरे होते है तथा aluminium के p कक्षक में केवल एक इलेक्ट्रॉन...

Thursday, 13 June 2019

Electron affinity। Electron affinity in hindi।electron affinity IIT NEET। Electron gain enthalpy। Factor affecting electron affinity। Trends in periodic table।

Electron Affinity (इलेक्ट्रॉन बंधुता) जब किसी isolated,उदासीन,गैसीय परमाणु या अणु के द्वारा valence shell में ‍एक इलेक्ट्रॉन लिया जाता है जिससे जितनी ऊर्जा की मात्रा बाहर निकलती है,इलेक्ट्रॉन बंधूता कहलाता है।  इलेक्ट्रॉन बंधूता सामान्यतः धनात्मक होती है। X + electron =    X−(anion)  energy जहां X atom/molecule है जो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने के पश्चात ऋणायन का निर्माण होता है।जिससे जितनी ऊर्जा मुक्त होती है उसी को इलेक्ट्रॉन बंधूता कहते हैं। Electron gain enthalpy (इलेक्ट्रॉन...

Wednesday, 12 June 2019

Ionisation energy। Ionisation energy in hindi। Factors affecting ionisation energy। Trends in periodic table। Ionisation energy question answer। Successive ionisation energy।

IONISATION ENERGY/POTENTIAL (आयनिकरण ऊर्जा): किसी isolated, उदासीन,gaseous परमाणु से उसके सन्योजी कक्ष में उपस्थित ढीले बंधे इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा को ionisation energy कहते है। IONISATION ENERGY के लिए परमाणु को gaseous अवस्था में होना चाहिए क्योंकि ठोस अवस्था में परमाणु की बहुत से गुणों में कमी आ जाती है।परमाणु को isolated तथा उदासीन होना आवश्यक है। X+energy = cation(x+)+electron जहां X = एटम या molecule जिसका आयनिकरण होता है जिसे एनर्जी दिया जाता है जिससे इलेक्ट्रॉन निकलने पर धनायन(cation) का निर्माण होता है। Thermodynamics...